आज हम वर्ष कुंडली में लता योग के बारे में बात करेंगे ये योग कैसे बनता है!
>यदि वर्ष कुंडली में दूसरे,छठे,और सातवें भाव में क्रूर ग्रह हों और लग्न का स्वामी दूसरे या बाहरवें भाव में हो तथा ये ग्रह शुभग्रहों से दृष्ट न हो या शुभग्रहों के साथ न हों,तो लता योग  बनता है!
>लत्ता योग का फल >जिस वर्ष यह योग बनता है,वह वर्ष जातक के लिए अत्यंत ही दुःखदायी और दुर्घटनाग्रस्त होता है!उस वर्ष शत्रुओं से वाद विवाद,मुकदमो में पराजय,मानसिक चिंताए तथा शत्रु चिंता बराबर बानी रहती है!
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