आज हम वर्ष कुंडली में लालील योग पर चर्चा करेंगे इस योग को वर्ष कुंडली में महत्वपूर्ण माना है!उनके अनुसार जिस वर्ष में पुरुष ग्रह चतुर्थ भाव में,दूसरे भाव में और लग्न में हो तथा क्रूर और पाप ग्रह छठे,आठवें,गयारहवें भाव में हो तो उस वर्ष कुंडली में लालील योग बनता है! फल >अनुभव से यह स्पष्ट होता है कि जिस वर्ष यह योग बनता है,वह वर्ष जातक के लिए अनुकूल रहता है तथा उस वर्ष जातक को आर्थिक दृष्टि से अच्छी अनुकूलता प्राप्त होती है!Astrolivepawan.blogspot.com, Gmail>Pawankhandal39@gmail.com ,Ph.8952825905,9462525905
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